By Malay Nirav & Pooja Kumari
दिनों दिन के अनुभव बता रहें हैं कि हमारी सरकार और स्मार्टफ़ोन लकड़ी में पाए जाने वाले दीमक की तरह हमारी निजता को धीरे-धीरे खाए जा रहे हैं। सड़क पर रहने वाले लोगों की निजता, घरों में बंद रहने वाले लोगों से ज्यादा हो सकती है। वॉट्सएप्प, फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं अन्य मुफ्त में इस्तेमाल होने वाले ऐप्प जैसे ऐमेज़ॉन, उबर, ओला, स्विगी आदि हमारी निजी जानकारी की बौदलत ही बेसुमार मुनाफा कमा रहे हैं। घर में एकान्त रहते हुए भी हम खुद की निजता को इन्हीं ऐप्प के माध्यम से सार्वजनिक कर रहे होते हैं।
( मौलिक अधिकार और हमारी प्राइवेसी श्रृंखला का पहला भाग पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें )
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| Photo Credit: The Financial Express |
वर्तमान समय में 'आपदा में अवसर' का श्रेष्ट उपयोग वॉट्सएप्प करने जा रहा है। इस कोरोना आपदा में स्कूल, कॉलेज से लेकर कार्यालयों की निर्भरता वॉट्सएप्प पर बढ़ गयी है। इसी निर्भरता को अपनी प्रॉफिट का जरिया बनाने जा रहा है वॉट्सएप्प। 8 फरवरी को वॉट्सएप्प आपको प्रपोज़् नहीं करने जा रहा है, बल्कि इम्पोज़् कर रहा है कि या तो आप सिर्फ़ मेरे रहिए नहीं तो खुद का भी मत रहिए! इश्क से लेकर व्यापार-शासन-प्रशासन में तानाशाही की एक अलग ही खुमारी होती है। वॉट्सएप्प पर भी इसी तानाशाही का नशा चढ़ चुका है। खुलकर आपसे अपने प्रेम का इजहार कर रहा है। आपसे कह रहा है कि आप मेरे हैं लेकिन मेरी शर्तों पर।
वॉट्सएप्प अपनी यह डिजिटल दादागिरी यूरोपियन देशों सहित, ब्रिटेन, अमेरिका, ब्राजील पर नहीं चलाने वाला है जबकि 50 करोड़ से अधिक ग्राहक वाला देश भारत से वह खुलकर मजाक कर रहा है। आखिर क्यों? क्या वह भी समझ गया है कि हम बस भीड़ हैं, झुण्ड हैं भेड़-बकरियों का ?
2014 में फेसबुक का हो चुका वॉट्सएप्प अब खुलकर खुद के इस रिश्ते को एक नया आयाम देना चाह रहा हैं। अगर 20 जुलाई 2020 को आख़िरी बार अपडेट की गई वॉट्सऐप की पुरानी प्राइवेसी पॉलिसी में देखें तो इसकी शुरुआत कुछ इस तरह होती है:
''आपकी निजता का सम्मान करना हमारे डीएनए में है। हमने जब से वॉट्सऐप बनाया है, हमारा लक्ष्य है कि हम निजता के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए ही अपनी सेवाओं का विस्तार करें...''
चार जनवरी, 2021 को अपडेट की गई नई प्राइवेसी पॉलिसी में ‘निजता के सम्मान’ पर ज़ोर देते ये शब्द ग़ायब हो गए हैं। नई पॉलिसी कुछ इस तरह है:
"हमारी प्राइवेसी पॉलिसी से हमें अपने डेटा प्रैक्टिस को समझाने में मदद मिलती है। अपनी प्राइवेसी पॉलिसी के तहत हम बताते हैं कि हम आपसे कौन सी जानकारियाँ इकट्ठा करते हैं और इससे आप पर क्या असर पड़ता है..."।
वॉट्सएप्प द्वारा अपनी तथाकथित निजता नीति में किए गए बदलाव कह रहें हैं कि अब तक जो थोड़ी-बहुत हमारी-आपकी निजता बची हुई थी, वह भी खत्म होने वाली है और आपकी-हमारी निजता पूरी तरह से वॉट्सएप्प का प्रोडक्ट बन जाने वाले हैं। “इफ़ यू आर नॉट पेइंग फ़ॉर द प्रोडक्ट, यू आर द प्रोडक्ट।’’ यानी अगर आप किसी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने के लिए पैसे नहीं चुका रहे हैं, तो आप ही वो प्रोडक्ट हैं। हाल ही में नेटफ़्लिक्स पर आई डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म ‘सोशल डाइलेमा’ में यह बात फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स और ऐप्स के संदर्भ में कही गई थी और यही सच भी है।
वॉट्सऐप ने नई प्राइवेसी पॉलिसी में फ़ेसबुक और इससे जुड़ी कंपनियों के साथ अपने यूज़र्स का डेटा शेयर करने की बात का साफ़ तौर पर ज़िक्र किया है। इस नीति के अनुसार:
- वॉट्सऐप अपने यूज़र्स का इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस (आईपी एड्रेस) फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम या किसी अन्य थर्ड पार्टी को दे सकता है।
- वॉट्सऐप अब आपकी डिवाइस से बैट्री लेवल, सिग्नल स्ट्रेंथ, ऐप वर्ज़न, ब्राइज़र से जुड़ी जानकारियाँ, भाषा, टाइम ज़ोन, फ़ोन नंबर, मोबाइल और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनी जैसी जानकारियाँ भी इकट्ठा करेगा। पुरानी प्राइवेसी पॉलिसी में इनका ज़िक्र नहीं था।
- अगर आप अपने मोबाइल से सिर्फ़ वॉट्सऐप डिलीट करते हैं और ‘माई अकाउंट’ सेक्शन में जाकर ‘इन-ऐप डिलीट’ का विकल्प नहीं चुनते हैं तो आपका पूरा डेटा वॉट्सऐप के पास रह जाएगा। यानी फ़ोन से सिर्फ़ वॉट्सऐप डिलीट करना काफ़ी नहीं होगा।
- नई प्राइवेसी पॉलिसी में वॉट्सऐप ने साफ़ कहा है कि चूँकि उसका मुख्यालय और डेटा सेंटर अमेरिका में है इसलिए ज़रूरत पड़ने पर यूज़र्स की निजी जानकारियों को वहाँ ट्रांसफ़र किया जा सकता है। सिर्फ़ अमेरिका ही नहीं बल्कि जिन भी देशों में वॉट्सऐप और फ़ेसबुक के दफ़्तर हैं, लोगों का डेटा वहाँ भेजा जा सकता है।
- नई पॉलिसी के मुताबिक़ भले ही आप वॉट्सऐप का ‘लोकेशन’ फ़ीचर इस्तेमाल न करें, आपके आईपी एड्रेस, फ़ोन नंबर, देश और शहर जैसी जानकारियाँ वॉट्सऐप के पास होंगी।
- अगर आप वॉट्सऐप का बिज़नेस एकाउंट इस्तेमाल करते हैं तो आपकी जानकारी फ़ेसबुक समेत उस बिज़नेस से जुड़े कई अन्य पक्षों तक पहुँच सकती है।
- वॉट्सऐप ने भारत में पेमेंट सेवा शुरू कर दी है और ऐसे में अगर आप इसका पेमेंट फ़ीचर इस्तेमाल करते हैं तो वॉट्सऐप आपका कुछ और निजी डेटा इकट्ठा करेगा। मसलन, आपके पेमेंट अकाउंट और ट्रांज़ैक्शन से जुड़ी जानकारियाँ।
हालांकि वॉट्सऐप यह दावा कर रहा है कि प्राइवेसी पॉलिसी बदलने से आम यूज़र्स की ज़िंदगी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
वॉट्सऐप की नई पॉलिसी भारतीयों की निजता का संपूर्ण हनन है। भारतीय संविधान की प्रस्तावना में व्यक्ति की गरिमा के साथ राष्ट्र की एकता और अखंडता को समायोजित किया गया है। हम जानते हैं कि राष्ट्र वहां रहने वाले लोगों से मिलकर बनता है। किसी भी राष्ट्र की एकता और अखंडता तभी तक बनी रह सकती है जब तक कि व्यक्ति की एकता और अखंडता सुरक्षित रहे, उसकी गरिमा सुरक्षित रहे और व्यक्ति की गरिमा तभी बनी रहेगी जबकि उसकी निजता का सम्मान किया जाए। आजाद होने का पहला मतलब ही यह है कि कोई जबरदस्ती आपके नितांत निजता में घुसपैठ न कर सके। भारत सरकार को जल्द से जल्द वॉट्सएप्प के इस एकतरफा ‘प्रेम इज़हार’ को रोकने के लिए कदम उठाना चाहिए जो न केवल व्यक्तिगत निजता बल्कि देश की एकता और अखण्डता के लिए भी ख़तरनाक है।

