By Malay Nirav अगर इतिहास के आईने में झाँके तो भारतीय बाजार के कई रंग, रूप बिखरे मिलेंगे। हाट, मंडी, साप्ताहिक बाजार, दैनिक बाजार, रात्रि बाजार, लो…
Read moreBy Malay Nirav आखिर ऐसा क्या मैं RTE दस्तावेज में पढ़-देख या फ़िर समझने का प्रयत्न कर लिया कि यह कहने के लिए बाध्य हो गया, "पूरा का पूरा RTE,2009…
Read moreBy Malay Nirav घटना साल 2013-14 की होगी! मैं इंटरनेट इस्तेमाल करने का आदी हो गया था। किसी दिन अचानक से मेरे मन में ख्याल आया कि एक नया ईमेल आईडी बना…
Read moreBy Malay Nirav पुलिस हो या राजनेता, इनका स्त्री-फोबिया चेहरा सामने आता रहता है लेकिन आजकल इस फेहरिस्त में न्यायमूर्ति भी शामिल होने लगे हैं। आखिर क…
Read moreBy Gautam Kumar 2 फरवरी को न्यूज़लॉन्ड्री की पत्रकार निधि सुरेश को सिंघु बॉर्डर के किसान आंदोलन स्थल पर यह कहते हुए जाने से रोका गया कि केवल "र…
Read moreBy Pooja Kumari "जब कभी हम सुनते हैं कि पैदा करने वाली माँ ने बच्चे को कूड़े के ढेर या कहीं फेंक दी, हमारे भीतर की मानवीयता जाग उठती है, उस बच…
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